कभी सोचा न था कि प्यार इतना दर्द देगा, जिसे जिंदगी समझा था, वही जीने नहीं देगा।
जिसे चाहा वह मिला नहीं जो मिला उससे मोहब्बत नहीं हुई…!
मोहब्बत दिल से की थी मगर किस्मत से हारी,
कितना प्यारा था वो वक्त, अब बस एक सिला पड़ा है।
तेरा नाम तक अब जुबां पर नहीं लाते, पर तेरा ख्याल दिल से जाता ही नहीं।
जिंदगी भी अब हो गई है बेमकसद और नाराज़।
तू मेरे बिना खुश है तो मैं भी खुश हूँ, बस एक दर्द है कि अब मैं तेरी यादों में कैद हूँ।
अब देखो, प्यार से भी ज्यादा दर्द महसूस कर रहे हैं…!!!
अब जब खुदा भी तेरा नहीं, तो मैं कौन होता हूँ तेरा होने वाला?
हमने निभाए थे रिश्ते, तुमने निभाए थे वादे,
जिंदगी में जब कोई अपना नहीं होता, तब दर्द भी अपना सा लगने लगता है।
क्योंकि तुमसे दूर Sad Shayari होने का दर्द अब तक है…!!!
मैंने तुझसे बिछड़ कर भी तुझसे मोहब्बत की है, तू बेवफा था और मैं आज भी वफादार हूँ।
अब सोचते हैं, क्या तुमने कभी समझा क्या।